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Dreams, desires, aspirations!
Shine like stars
Against a dark night sky.
Some, brighter than others.
Some twinkling to attract,
Some, almost consumed by the inky darkness,
Barely perceptible.
They attracted me and
I reached out,
To hold and own.
But like stars,
They glowed with fiery intensity
And intended to singe those
Who sought intimacy.
Dreams, aspirations, desires
Burnt me, with their heat,
As I reached out for them.

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मेरे पचास

पचास साल पहले देखा था
ज़िन्दगी तुझको।
मिले थे दोनों
जैसे दो अजनबी।
चशमा लगा के अब पूछता हूं,
बता
तुझे जल्दी तो नही मुझसे बिछड़ने की?
पचास साल का है रिश्ता तुझसे।
कुछ खट्टे
कुछ थे ख्वाब मीठे
ढूंढ निकाला मेरे लिये तु
कितने ही मन बहलाने वाले रिश्ते।
गुरु तू था, तेरी पाठशाला,
लिये तूने कितने इन्तेहा।
अब भी तुझको करता नमन
याद है जो तूने दिया हमें ज्ञयान।
बालों में पता नही कब
तूने चांदी की परत चढ़ाई।
नींदों में आने वाले मिठे सपनों पर
पता नही, कब तुने रोक लगाई?
अभी कुछ फासले और है तय करना।
तू साथी मेरे सफर का,
कुछ धीरे, रुक रुक कर तू चलना।
रास्ते के हर मोड़ पर रुक कर
इन्तजार तू मेरा करना।
तेरे किस्से, तेरी बातें
ऐ जिंदगी , लगती है बड़ी हसीन।
पचास सालों का यह रिश्ता हमारा
तेरी दुआ से इसे मुकम्मल करना।IMG_20180714_205001.jpg

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