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श्रद्धांजलि अटल जी को–चाहे देर से ही सही

एक युग बीत चला।
छोड़ हमें चल दिया।
पंचतत्व में विलीन हुआ।
देश का सपूत अमर हुआ।

कविताएं उनकी रह गई ।
आंखों को छलका गई।
जनसमूह रो पड़ा।
देश का सपूत चल पड़ा।

अटल उनके इरादे थे।
अटल अपने विचार पे।
मनोबल उनका था अटल।
अन्तिम सांस तक अटल।

“देश के लिये करो।
इंसानो से गले मिलो।
कदम मिलाकर चलना सीखो।
गीत नया गाता रहो।”

ज्ञान के भंडार अटल जी।
युगपुरुष थे अटल जी।
मेरे कवि अटल जी।
अमर रहे अटल जी।

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